Karwa Chauth Pooja Vidhi Aur Pooja Samagri

By: vastu-shastra.org

पूजन का सही मुहूर्त

करवा चौथ तिथि: 13  Oct 1.59 am to 14 Oct 3.08 am चंद्र उगम: 13 Oct 8.09 pm पूजा मूहूर्त: 13 Oct 5.54 pm to 7.08 pm

करवा चौथ की पूजा सामग्री

2

चौथ माता और शिव परिवार की पूजा के लिए थाली में अबीर, गुलाल, कुमकुम, हल्दी, मेहंदी, कलावा, जनेउ जोड़ा, फूल, चावल, चंदन, इत्र, घी का दीपक, अगरबत्ती नारियल और मिठाई होनी चाहिए। चंद्रमा की पूजा के लि थाली में छलनी. अर्घ्य देने के लिए करवे में जल और व्रत खोलने के लिए पानी एवं मिठाई होनी चाहिए। सास या घर में मौजूद कोई बुजुर्ग महिला हो तो उनके लिए कपड़े भी रखे जाते हैं। करवा माता की पूजा और कथा पढ़ने के बाद ये सारी चीजें अपनी सास या घर की बुजुर्ग विवाहित महिला को दी जाती है।

पूजा विधि

3

सुबह जल्दी उठकर नहाने के बाद पति की लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य के साथ ही अखंड सौभाग्य के लिए संकल्प लें। इस दिन अपनी शक्ति के हिसाब से निराहार यानी बिना कुछ खाए-पिए रहें। ऐसा न हो पाए तो थोड़ा बहुत फलाहार किया जा सकता है। शाम को जहां पूजा करनी है, वहां एक लाल कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान शिव-पार्वती, स्वामी कार्तिकेय और भगवान श्रीगणेश की स्थापना करें। चौथ माता की फोटो लगाएं और पूजा के स्थान पर मिट्टी का करवा भी रखें। करवे में थोड़ा सा पानी भरें और दीपक से ढंककर एक रुपए का सिक्का रखें। इसके ऊपर लाल कपड़ा रखें। पूजा सामग्री से सभी देवताओं की पूजा करें। लड्डुओं का भोग लगाएं और आरती करें।

चंद्र उदय पूजन

4

जब चंद्र उदय हो जाए तो चंद्रमा की पूजा करें। चंद्रमा को जल चढ़ाएं यानी अर्घ्य दें। फिर चंदन, अक्षत, अबीर, गुलाल, फूल और अन्य पूजन सामग्री भी चढ़ाएं। इसके बाद अपने पति के पैर छुएं। उनके मस्तक पर तिलक लगाएं। पति की माता यानी अपनी सासू मां को अपना करवा भेंट कर आशीर्वाद लें। सास न हो तो अपने से उम्र में बड़ी या मां समान परिवार की किसी अन्य सुहागिन महिला को करवा भेंट करें। इसके बाद परिवार के साथ भोजन करें। करवा चौथ पर पूजन की ये सामान्य विधि है। अपने अपने रीति-रिवाजों और क्षेत्रों के हिसाब से भी पूजा की जा सकती है।

For Vastu Shastra Tips Visit